घरों से कूड़ा बटोर कर रहे हैं करोड़ों की कमाई, इस अनूठे स्टार्टअप के हो रहे हैं चर्चे
सफलता के लिए आपको रिस्क लेना पड़ता है, कुछ नया करना पड़ता है। अपने आंख, कान, नाक खुले रखने पड़ते हैं। किस वक्त में क्या काम किया जा सकता है फैसला लेने की ताकत होनी चाहिए। इस ताकत और नयेपन को महसूस किया है दो दोस्तों की जोड़ी ने। दिल्ली में रिकॉर्ट नाम की एक कंपनी कचरे को रिसाइकिल करके करोड़ों का मुनाफा कमा रही है, अपने आप में इस अनूठे स्टार्ट अप की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि ये कंपनी जनहित का काम करते हुए अपना मुनाफा कमा रही है।
रिकॉर्ट संस्था की आधारशिला रखी अनुराग तिवारी और उनके दोस्त ऋषभ ने। रिकॉर्ट दिल्ली के 25 लाख घरों से कूड़ा उठाकर उसे रिसाइकिल करती है। एक वेबसाइट से बात करते हुए अनुराग ने बताया कि उनकी कंपनी गुड़गांव के 50 अपार्टमेंट के अलावा दिल्ली के 25 लाख घरों का कूड़ा उठाते हैं। उन्होंने बताया कि कूड़े दो प्रकार के होते हैं सूखा और गीला। सूखे कूड़े को हम रिसाइकिल के लिए भेज देते हैं और जो कूड़ा गीला होता है, उसे ऊर्जा उत्पादन के लिए भेज देते हैं।
सिर्फ मुनाफा नहीं कमा रहे बल्कि लोगों की जिंदगियां भी बदल रहे हैं
रिकॉर्ट, सिर्फ कूड़े का बिजनेस करके मुनाफा नहीं कमा रहे बल्कि लोगों की दुआएं भी ले रहे हैं। इनकी कंपनी की वजह से कबाड़ बिनने वाले लोगों की जिंदगी में भी बदलाव आया है। जो लोग एक दिन के 100-200, कमाते थे वो अब 500-700, प्रतिदिन कमाने लगे हैं। ग्राहकों को भी राहत है, उन्हें अपने घर से एक मिस कॉल देनी होती है और रिकॉर्ट की टीम कूड़ा उठाने के लिए पहुंच जाती है।
कैसे आया आइडिया
फायनेंस से पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद अनुराग ने 2 साल भारती एयरटेल में काम किया लेकिन वो अपना कुछ करना चाहते थे।इसलिए उन्होंने अपने दोस्त के साथ मिलकर एडवर्टाइजिंग कंपनी शुरू की। वो स्टार्टअप भी बेहतर कर रहा था, सालान टर्न ओवर 10-15 करोड़ पहुंच गया था लेकिन वो कुछ ऐसा करना चाहते थे जिससे उनका सालाना टर्नओवर 100, करोड़ से ऊपर पहुंच जाए।
अनुराग बताते हैं कि एक दिन गुड़गांव से आते वक्त उन्हें एक जगह कूड़े का ढेर दिखा, उतर कर मुआयना किया तो दिखा कि बेकार पड़े कूड़े में कई ऐसे सामान थे जो रिसाइकिल हो सकते थे। फिर क्या था वो लग गए अपने काम में, रिसर्च के बाद अपने दोस्त ऋषभ के साथ फिर से एक स्टार्ट अप शुरू किया गया।


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