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साध्वी बनी 21 साल की लड़की का सामने आया ये रूप



  देश के दस राज्यों के करीब चार हजार श्रावक-श्राविकाओं की मौजूदगी में गुरुवार को खेल प्रशाल में जैनेश्वरी दीक्षा का आयोजन हुआ। इस भव्य आयोजन में आचार्य शिवमुनि के सान्निध्य में 21 साल की दीपिका जैन ने सांसारिक जीवन त्यागकर जैन साध्वी की दीक्षा ग्रहण की। कल तक मोबाइल, लैपटॉप चलाने वाली दीपिका ने गुरुवार दोपहर से कमंडल, पिच्छी और पात्र थाम लिए। जैसे ही उन्होंने पिच्छी धारण कर साध्वी बनना अंगीकार किया, वैसे ही हर्ष-हर्ष, जय-जय के नारे लगने लगे।


 दीक्षा से पूर्व बग्घी में सवाई माधौपुर की दीपिका की शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद प्रवचन एवं दीक्षा का दौर शुरू हुआ। आचार्य शिवमुनि और बसंतकंवर मसा ने दीपिका से पूछा कि दीक्षा या सांसारिक जीवन में से कौन सा मार्ग चुनना है, एक बार फिर विचार कर लो। इस पर दीपिका ने दीक्षा मार्ग पर अपनी सहमति दी।


- केशलोच और साध्वी की पोषाक पहनने के बाद दीपिका को संतों व साध्वियों के पास लाया गया। मंत्रोच्चार के साथ दीक्षा की रस्म पूरी हुई। संतों व साध्वियों के समूह की मंजूरी के बाद दीपिका को नया नाम दिव्यांशी श्रीजी दिया गया। वे बसंतकंवर के समूह की सबसे छोटी 21 साल की साध्वी के रूप में शामिल हुईं।