Karva Chauth Celebrate By New Trends
सूरतीयों और सड़क का साथ यहां के मिजाज में बरसों से बसा हुआ है। खुशी हो या फुरसत के पल लोग अक्सर सड़क पर आकर बिताते हैं। यहां आकर खाना, पिकनिक मनाना, पतंगबाजी से लेकर आतिशबाजी तक खुले आसमान के नीचे होती है। रविवार को करवा चौथ पर कई इलाकों में सुहागिनों ने सड़क पर आकर चांद और पिया का दीदार किया। हालांकि उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा। बादलों के कारण चांद रात 11.40 बजे दिखा।
- कार्तिक कृष्ण पक्ष की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी पर रविवार को करवा चौथ मनाया गया।
- ‘ॐ शिवाय नमः’ से पार्वती का, ‘ॐ नमः शिवाय’ से शिव का, ‘ॐ षण्मुखाय नमः’ से स्वामी कार्तिकेय का, ‘ॐ गणेशाय नमः’ से गणेश का तथा ‘ॐ सोमाय नमः’ से चांद की पूजा की।
- सुहागिनों और पति के माता-पिता को भोजन भी कराया गया। खाना के बाद ब्राह्मणों को दक्षिणा भी दी गई।
- शहर में महिलाओं ने चांद देखकर अपना व्रत खोला। चंद्रोदय 10.17 पर हुआ। इस अवसर पर महिलाओं ने सुबह से रखा निर्जला व्रत तोड़ा।
- पूजा-पाठ एवं आरती के साथ मां पार्वती, महादेव शिव व गणेश की पूजा की गई। जिन महिलाओं के पति शहर से बाहर रहते हैं उन्होंने वीडियो कालिंग तथा उनकी तस्वीर देख अपना व्रत पूरा किया।
- सुहागिनों ने अपने पतियों की दीर्घायु की कामना की। सरगी में मिठाई, फल, सेंवई, पूड़ी खाकर महिलाओं ने अपने करवा चौथ के व्रत की शुरुआत की।
- दीवार पर गेरू से फलक बनाकर पिसे चावलों के घोल से करवा चित्रित किया गया। करवा चौथ के गीत भी गाए गए।
- पूजा संपन्न होने के बाद महिलाओं ने अपने पति के साथ सभी वरिष्ठ लोगों के चरण स्पर्श किए।

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