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कभी घर पर बोरों में भरकर आते थे नोट, बॉलीवुड स्टारों से ऐसी थी दोस्ती


12 कोल माइंस के मालिक रहे चंदू रामनाथ वर्मा का 75 की उम्र में शनिवार को निधन हो गया।

कोयला खदानों के राष्ट्रीयकरण से पूर्व 12 कोल माइंस के मालिक रहे चंदू रामनाथ वर्मा का 75 की उम्र में शनिवार को निधन हो गया। चंदू रामनाथ वर्मा की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं रही। उनके यहां बोरों में भरकर पैसा आता था। आज भी वर्मा हाउस में चंदू की सिने स्टार अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, राज बब्बर, अमजद खान समेत कई चर्चित शख्सियतों के साथ तस्वीरें मौजूद हैं। हिन्दी फिल्म का निर्माण और निर्देशन भी किया था...

-बस्ताकोला स्थित अपने आवास वर्मा हाउस में शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। दोपहर में बस्ताकोला स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार हुआ। मुखाग्नि उनके भाई किरीट वर्मा ने दी। इकलौता पुत्र जापान से नहीं पहुंच सका।
-खेल के साथ सिनेमा प्रेमी चंदू वर्मा ने ‘मोहब्बत ही जिंदगी है’ नामक हिन्दी फिल्म का निर्माण और निर्देशन भी किया था। 60 और 70 के दशक में उनके घर में फिल्मी सितारों का आना-जाना लगा रहता था।
-आज भी वर्मा हाउस में चंदू की सिने स्टार अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, राज बब्बर, अमजद खान समेत कई चर्चित शख्सियतों के साथ तस्वीरें मौजूद हैं।
पाल रखे थे भालू और हाथी
-कभी उनके पास 12 इंपोर्टेड गाड़ियों का कारवां हुआ करता था। अस्तबल में अरबी घोड़े। बगीचे में मोर, खरगोश और कई किस्म के तोतों का वास। शौक ऐसा कि भालू और हाथी भी पाल रखे थे।
-1973 में धनतेरस की रात तक बस्ताकोला, चांदमारी, मोदीडीह, अंगारपथरा, चैतूडीह, खास भुरंगिया, वेस्ट बांसजोड़ा समेत 12 कोल माइंस के मालिक थे। हर शुक्रवार को बोरों में पैसे भरकर आते थे। शनिवार को उन पैसों का एक हिस्सा सैकड़ों मजदूरों के बीच बंटता था।
- निजी कार्यक्रम में जब भी अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, धर्मेंद्र, राज बब्बर, बैंजामिन जिलानी, महमूद, राजश्री, अरुण गोविल, अमजद खान जैसी फिल्मी हस्तियां धनबाद आतीं तो वर्मा हाउस में भी ठहरतीं। परंतु 44 साल पूर्व अचानक सब कुछ बदल गया।
धनतेरस की रात बन गई वर्मा हाउस के लिए काली रात
-1973 की धनतेरस की रात थी। चंदू अपने भाई तरुण वर्मा, रसिक वर्मा, किरीट वर्मा समेत अन्य परिजनों के साथ लक्ष्मी-गणेश पूजन में व्यस्त थे।
-इसी बीच पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का काफिला पहुंचा। कोल माइंस के राष्ट्रीयकरण का हुक्म सुनाया। तिजोरी में रखी सारी नकदी, बैंक खातों के साथ पोर्टिको में मौजूद गाड़ियां के साथ सभी पशु-पक्षी जब्त कर लिए गए।
-फरमान सुनाया-अब आपकी कोल माइंस की मालिक इंदिरा गांधी सरकार है। उन दिनों को याद कर चंदू अक्सर कह उठते थे-गमीनत थी कि वर्मा हाउस कोल माइंस के नाम पर नहीं था, वरना वह भी छीन लिया जाता और हम सड़क पर होते।