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थूक चटाकर किया बुजुर्ग का अपमान , चप्पल मार कर ले ली इज्जत


जब भी हम किसी के घर जाते है  तो पहले दरवाजे के बहार से ही किसी को आवाज लगाते है  या फिर दरवाजा खटखटाया जाता है.
लेकिन जब हम किसी के घर का दरवाजा बिना घटखटाये अंदर चले जाते है तो कई व्यक्ति हमसे खफा हो जाते है और वह नाराजगी में हमें खरी खोटी भी सुनते है.

कुछ ऐसा ही हुआ बिहार के नालंदा में जहा एक व्यक्ति को बिना गेट खटखटाये घर में घुसने की ऐसी सजा दी गई जो वाकई शर्मनाक है.
 गांव के मुखिया ने उस व्यक्ति को गांव के लोगों के सामने अपना थूक चाटने पर मजबूर कर दिया. उनकी दरिंदगी यही ख़त्म नहीं हुई पीड़ित को महिलाओं ने चप्पल से भी पीटा.

पीड़ित व्यक्ति ने घटना के बाद कहा कि सबके सामने महिलाओं ने चप्पल से मारकर मेरी इज्जत ख़त्म कर दी.
अब मैं बेटी की शादी कैसे करूंगा. पीड़ित ने कहा दोषियों पर यदि कार्रवाई नहीं हुई तो मैं अपनी जान दे दूंगा.

यह अजीबोगरीब सी घटना नालंदा जिले के नुरसराय के अजनौरा गांव की है गांव के मुखिया दयानंद मांझी ने हैवानियत वाला काम करते हुए महेश ठाकुर को एक बात के लिए थूक चाटने और महिलाओं के हाथों पिटने की घिनौनी सजा सुनाई.
घटना के बाद पुलिस ने सख्त कारवाही करते हुए एसपी ने जांच का आदेश दे दिए है.

पीड़ित ने घटना के बाद अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि गांव के मुखिया ने मेरी इज्जत को मिट्टी में मिला दिया.
मुझे मेरी बेटी की शादी करनी है. लेकिन इस घटना के बाद में किस मुह से अपनी बेटी का रिश्ता लेकर किसी के घर जा पाउँगा.

जानकारी के अनुसार मुखिया ने पीड़ित को सिर्फ थूक चटवाया और महिला से पिटवाया ही नहि बल्कि उन्होंने गाव से निकालने की धमकी दी है.

पीड़ित महेश ठाकुर कि गलती सिर्फ इतनी थी की वह दीपावली के दिन बिना पूछे सुरेंद्र यादव के घर के अन्दर चला गया था.
इस बात से नाराज हो कर मामला मुखिया के पास पहुच गया. मुखिया ने पंचायत बिठाई ओर महेश को थूक चाटने कि सजा सूना दी.

घटना में पीड़ित को मुखिया की पत्नी और सुरेंद्र की पत्नी ने चप्पल से सबके सामने पीटा. मुखिया के एक आदमी ने सारे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर वीडियो बनाकर वायरल कर दिया.