भारत की शादियों से ऐसे कमाता है दुबई, हर महीने करता है अरबों का कारोबार
जहां एक तरफ दुनिया के हर कोने में दिवाली की तैयारियां चल रही हैं। वहीं, लोग वेडिंग सीजन की तैयारियों में भी जुट गए हैं। भारत में हर साल होने वाली लाखों शादियों में सोने का अहमियत सबसे ज्यादा होता है। फिर चाहे वो सोने के जेवर हों या सिक्के।
हर साल देश में कई अरब डॉलर का सोना आयात किया जाता है। हालांकि, वेडिंग सीजन के दौरान सोने के दाम आमतौर पर आसमान छूते हैं और इसलिए अब कई सोने के खरीददारों के लिए दुबई एक हॉटस्पॉट की तरह उभरा है।
- हर साल वेडिंग सीजन के दौरान सोने की खरीददारी करने के लिए अब ज्यादातर अमीर कस्टमर्स दुबई का रूख करने लगे हैं।
- टैक्स में छूट और अनलिमिटेड सप्लाई के चलते दुबई ऐसे खरीददारों के लिए पसंदीदा ठिकाना बन गया है।
- भारत के मुकाबले दुबई में सोना करीब 6-9 फीसदी तक सस्ता है। इसके अलावा दूसरे देश से भारत में सोना लाने के लिए कस्टम ड्यूटी में भी छूट है।
- सोना लाने वाली महिलाओं को 40 ग्राम तक और पुरूषों को 22 ग्राम तक कोई कस्टम ड्यूटी नहीं देनी पड़ती है।
- दुबई गोल्ड एंड कमोडिटी एक्सचेंज के सीईओ गौरांग देसाई के मुताबिक, दुबई में हर साल वेडिंग सीजन के दौरान सोने की सेल में करीब 20 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी होती है।
- देसाई ने बताया कि इसके अलावा दुबई बड़े ब्रांड्स की शॉपिंग के लिहाज से भी काफी सस्ता है, जिसके चलते यहां वेडिंग शॉपिंग काफी आसान होती है।
- इंडियन वेडिंग प्लानर वंदना मोहन के मुताबिक, सोना किसी भी परिवार की समृद्धि दिखाता है, इसलिए भारतीय लगभग हर सेरेमनी में सोने को बहुत अहमियत देते हैं।
- वंदना ने ये भी बताया कि ज्यादातर इंडियन फैमिलीज शादी का करीब 25 फीसदी बजट सिर्फ ज्वैलरी और सोने के लिए रखती हैं।
- दुबई स्थित कारा ज्वैलर्स के मालिक अनिल पेठानी बताते हैं कि शादियों के दौरान वो करीब 6 से 7 हजार भारतीय फैमिलीज के लिए सोने के जेवर बनाते हैं।
- अनिल के मुताबिक, कई फैमिलीज अपने हिसाब से ज्वैलरी की यूनीक डिजाइन तैयार करवाना चाहती हैं। इसके लिए दुबई के डेरा में स्थित ‘गोल्ड सूक मार्केट’ भारतीयों के बीच काफी फेमस है।

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