बहू ने प्रेमी संग मिलकर छीन ली ससुर की खुशियां, बोला-इसे फांसी पर लटका दो
तीन दिन से पथराई आंखों से आते-जाते लोगों को देख रहे 80 साल के बुजुर्ग मुरारीलाल के पास शाम को जब खबर पहुंची की पुलिस ने बहू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है तो बुजुर्ग का दिल फट पड़ा, गुस्से से बोले- बहू के साथ सभी हत्यारों को फांसी पर लटका दो।
इससे कम सजा मत देना उन्हें। हमने क्या बिगाड़ा था इनका, मेरा परिवार तबाह कर दिया।
- शिवाजी पार्क में 4 दिन पहले 2 अक्टूबर की रात पिता, तीन बेटो और भतीजे की गला काट कर की गई हत्या में पुलिस ने महिला, उसके प्रेमी और भाड़े पर लिए गए दो कातिलों को गिरफ्तार कर लिया है।
- दरअसल इस मर्डर केस में बेदर्दी से गला रेतकर कत्ल गए पांचों की मौत के पीछे एक 36 साल की शादीशुदा औरत के नाजायज रिश्तों की कहानी सामने आई है।
- मृतक बनवारी लाल और उसके छोटे भाई मुकेश की शादी करीब 18 साल पहले ठेरा थाना रैणी निवासी ब्रजमोहन शर्मा की बेटियों से हुई थी। बनवारी की शादी संतोष देवी के साथ और मुकेश की शादी कविता के साथ हुई।
- संतोष शादी के बाद गांव में तीन चार साल ही रही। अपने पति बनवारी लाल को फैक्ट्री मे काम कराने अलवर ले गई। गांव में कोई शादी-त्यौहार होता तो संतोष आती थी।
- जांच में पता लगा कि संतोष के हनुमान प्रसाद जाट से प्रेम प्रसंग चल रहा है। हनुमान प्रसाद जाट उदयपुर से बीपीएड कर रहा है। संतोष ताइक्वांडो सिखाती है। दोनों की ढाई साल पहले दोस्ती हुई थी। यह दोस्ती नाजायज रिश्तों में बदल गई।
- प्रेमी के साथ रहने के लिए संतोष ने ही अपने तीन बेटे, भतीजे और पति की हत्या करवा दी। पुलिस ने इस मामले में संतोष उसके प्रेमी बड़ौदामेव निवासी हनुमान प्रसाद जाट, गुजूकी निवासी कपिल धोबी तथा डीग के पांडव मोहल्ला हाल गुजूकी निवासी दीपक धोबी को गिरफ्तार किया है।
बेटे और चार पोतों की हत्या के बाद गांव के मकान में मुरारीलाल के पास दुख जताने वालों का आना-जाना लगा हुआ है। शनिवार शाम पुलिस ने पांच हत्याओं की वारदात का खुलासा किया तो गांव के समाजसेवी महेंद्र चौधरी ने मुरारी को यह खबर दी।
बनवारी और 4 बच्चों की हत्या के बाद गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है, लेकिन शनिवार को हत्याकांड में पत्नी संतोष के हाथ होने की बात सामने आने पर लोगों में गुस्सा नजर आया। गांव के लोग पहले ही संतोष पर संदेह जता रहे थे। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि हो गई।
लोगों में पांच हत्याओं के मामले में संपत्ति विवाद की बात आने पर पुलिस ने मुरारी के भाई विष्णु और कैलाश तथा उनके बेटे राकेश को भी 3 अक्टूबर को अलवर बुला लिया था। गारू सरपंच रमेश परेवा और समाजसेवी महेंद्र चौधरी उन्हें पूछताछ के लिए अलवर छोड़कर आए।
इसके बाद बनवारी के चचेरे भाई मनोज भी अलवर के शिवाजी पार्क थाने बयानों के लिए पहुंचे। जिन्हें 6 अक्टूबर को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया। लगभग पूरा परिवार हत्याकांड के बाद थाने पहुंचने से गांव में हर शख्स सकते में है।
मुलाकात करने आने वाले हर व्यक्ति की जुबां पर बस यही बात है कि एक बेटा मर गया, दूसरे का अता-पता नहीं। अब 80 साल के बुजुर्ग दंपती कब तक इस अबोध को संभाल पाएंगे। पूरा परिवार तबाह हो गया।
हत्या के बाद से ही मुरारीलाल बस एक ही रट लगाए हुए हैं, भगवान ऐसा मैंने कौनसा पाप कर दिया, जिसकी मुझे इतनी बड़ी सजा मिली है। सरपंच रमेश परेवा, समाजसेवी महेंद्र चौधरी और शिवलाल पटवारी ने मांग कि है कि विनय, दादा और दादी को सरकार आर्थिक सहायता दे, ताकि उनका परिवार चल सके।
संतोष बोली मैं बेकसूर हूं, मुझे तो फंसाया जा रहा हैं :अपने पति बनवारी लाल सहित तीन बेटे मोहित, हैप्पी, अज्जू एवं छोटी बहन के बेटे निक्की की हत्या आरोपी महिला संतोष का कहना था कि वह निर्दोष है और उसे तो फंसाया जा रहा है।
उसने कहा कि आरोपी हनुमान प्रसाद जाट से उसके अवैध संबंध नहीं हैं। हनुमान व उसके साथियों ने ही उसके पति व बेटों को मारा है। उन्हीं ने पूछो उन्होंने उन्हें क्यों मारा है। मैं तो बेकसूर हूं।

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