पहली बार हनीप्रीत से मिलने जेल पहुंची फैमिली, 45 मिनट तक की बातचीत
अंबाला सेंट्रल जेल की सेल नंबर 11 में कैद हनीप्रीत के परिवार वाले बुधवार को उसके लिए मिठाई और मोमबत्ती लेकर पहुंचे।
हरियाणा के अंबाला सेंट्रल जेल की सेल नंबर 11 में कैद हनीप्रीत के परिवार वाले बुधवार को उसके लिए मिठाई और मोमबत्ती लेकर पहुंचे।
करीब 45 मिनट तक चली कड़ी सिक्युरिटी के बीच चली मुलाकात के दौरान उन्होंने न केवल हनीप्रीत को जल्द जेल से रिहाई का भरोसा दिलाया।
इस दौरान परिवार ने हनीप्रीत को कपड़े भी सौंपे। हालांकि मुलाकात के दौरान हनीप्रीत को उसके कजन भाई से नहीं मिलने दिया गया।
यह भी पता चला है कि परिवार के साथ एक वकील भी आया था। डीजीपी से परमिशन लेकर पहुंचे फैमिलीवाले...
पता चला है कि हनीप्रीत से किसी को मिलने की इजाजत नहीं है मगर उससे मिलने के लिए परिवार वाले अंबाला सेंट्रल जेल पहुंचे।
इससे पहले उन्होंने डीजीपी जेल केपी सिंह से परमिशन ली। फिर वह अंबाला एसपी अभिषेक जोरवाल के पास पहुंचे। यहां से बलदेव नगर एसएचओ रजनीश कुमार यादव की परिवार के साथ ड्यूटी लगाई गई।
- बुधवार को करीब साढ़े चार बजे हनीप्रीत के पिता रामानंद तनेजा, माता आशा तनेजा, भाई साहिल तनेजा, भाभी सोनाली और कजन भाई सिद्धार्थ सिंगला सेंट्रल जेल पहुंचे।
करीब 45 मिनट तक परिवार ने हनीप्रीत के साथ दुख दर्द साझा किया साथ ही उसे किसी भी तरह की टेंशन न लेने की बात कही, साथ ही उसे मेंटली तौर पर भी इस मुसीबत से बाहर निकालने की कोशिश की।
वेरिफिकेशन के बाद मिली इजाजत
-पुलिस ने मुलाकात करवाने से पहले परिवार के सभी सदस्यों की वेरिफिकेशन की। इसके अलावा उनके आई कार्ड भी कब्जे में लिए।
- सुरक्षा से जुड़ी तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे मुलाकात की इजाजत दी गई।
- पता चला है कि हनीप्रीत का परिवार एक वीआईपी कार से जेल पहुंचा। यह कार भी सिरसा की बताई जा रही है। जिसकी पुलिस ने पूरी डिटेल भी हासिल की है।
जेल की इमरजेंसी में होगा इलाज
- हनीप्रीत को जेल से बाहर नहीं लाया जाएगा। किसी भी हालात में उसका जेल की चारदीवारी में ही इलाज होगा। इसके लिए जेल में इमरजेंसी रूम भी बनाया गया है।
साथ ही डॉक्टरों को भी इमरजेंसी की सूरत में जेल लाया जाएगा ताकि हनीप्रीत को इलाज दिया जा सके।
- किसी खास परिस्थिति में ही उसे जेल से बाहर हॉस्पिटल में भेजा जाएगा।
- इसी केस में हनीप्रीत के साथ सुखदीप भी अंबाला सेंट्रल जेल में बंदी रखी गई है। मगर दीवाली के मौके पर उससे मिलने कोई नहीं आया।
जबकि वह दिनभर अपने घरवालों के आने का इंतजार करती रही।
- जब जेल में हनीप्रीत के फैमिली की मुलाकात को लेकर आवाज आई तो यह सुनकर वह मन ही मन रोने लगी। खैर, हनीप्रीत ने वापस लौटकर उससे बातचीत की।
- जेल इंचार्ज रजनीश कुमार यादव ने बताया कि हनीप्रीत से परिवार के चार लोगों ने मुलाकात की है। उसके चचेरे भाई को नहीं मिलने दिया। वह लोग एक बैग लेकर आए थे।
हनीप्रीत पर दंगा भड़काने का आरोप
- दरअसल, जेल में कैद हनीप्रीत पर 25 अगस्त को डेराचीफ के खिलाफ सीबीआई कोर्ट का फैसला आने के बाद दंगा भड़काने का आरोप है।
- पुलिस ने उस पर देशद्रोह का केस दर्ज किया है। इसी केस में पंचकूला एसआईटी ने हनीप्रीत को अरेस्ट किया था।
- पूछताछ पूरी होने के बाद उसे जेल की 32 चक्की के 11 नंबर सेल में कैद करवाया था।
- बता दें कि हनीप्रीत डेराचीफ की सबसे नजदीकी और राजदार मानी जाती है इसलिए उसे कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में कैद रखा गया है।


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