क्यों रास्ते पर पड़े नींबू मिर्च पर पैर रखना अशुभ माना जाता है?
हर शनिवार या शुक्रवार को आपने देखा होगा कि घर के बड़े बुर्जुग घर के मुख्य दरवाजे पर नींबू मिर्च बदलते है। इसके अलावा इस दिन सड़क पर कई सारे नींबू मिर्च के ढेर लगे होते हैं, जिन पर पांव रखने की हिदायत नहीं दी जाती है। अगर गलती से आपने इस पर पांव रख दिया तो इसे अशुभ माना जाता है।
हालांकि आज की पीढ़ी इस बात पर बिल्कुल भरोसा नहीं करती है। लेकिन आप नहीं मानेंगे ऐसा करने की पीछे भी एक वजह है आइए जानते है इस बारे में आखिर क्यों घरों और दुकानों के बाहर नींबू मिर्च लटकाया जाता है।
नींबू का उपयोग अमूमन बुरी नजर से संबंधित मामलों में ही किया जाता है। इसका सबसे महत्वपूर्ण कारण है इसका स्वाद। नींबू खट्टा और मिर्च तीखी होती है, दोनों का यह गुण व्यक्ति की एकाग्रता और ध्यान को तोड़ने में सहायक होता है।
नजर अक्सर लोग अपने घर, ऑफिस या दुकान को बुरी नजर से बचाने के लिए नींबू-मिर्च बांधते है। जब वह खराब हो जाती है तो उसे सड़क पर फेंक देते हैं। ज्योतिषियों की माने तो उस नींबू मिर्च को सड़क पर इसिलिए फेंका जाता है कि इससे उस व्यक्ति को फायदा होता है।
क्योंकि जितना उस नींबू को कुचला जाता है, उतना ही बुरी नजर और नकारात्मक उर्जा का प्रभाव क्म होता जाता है। इसका फायदा यह भी होता है कि इससे नींबू मिर्च फेंकने वाले व्यक्ति के व्यापार आदि में लाभ भी होता है।
पड़ता है नकारात्मक प्रभाव आप ने अधिकतर बड़े बुजुर्गो को कहते हुए सुना होगा कि सड़क पर यदि नींबू मिर्च पड़े हों तो उस पर पैर नही रखना चाहिए। इसके पीछे कोई अंधविश्वास नहीं है। इसका एक बहुत बड़ा कारण है।
जो लोग उस नींबू मिर्च पर पैर रखकर गुजर जाते हैं, नकारात्मक उर्जा या बुरी नजर का प्रभाव उस व्यक्ति के पर पड़ने लगता है। ज्योतिषियों की माने तो उनके तरक्की व अच्छे कार्यो में बाधा आने लगती है, क्योंकि व नकारात्मक उर्जा जीवन को प्रभावित करती है। इसलिए सड़क पर पड़े नींबू मिर्च पर पैर रखने से बचना चाहिए।
माना जाता है कि दरिद्रता की देवी अलक्ष्मी को तीखा और खट्टा भोजन अतिप्रिय है। मीठे से वे दूर भागती हैं और तीखे, खट्टे भोजन की तलाश में हर जगह जाती हैं। उनकी इसी पसंद को पूरा करने के लिए प्रतिष्ठानों के द्वार पर नीबू मिर्च लटकाए जाते हैं।
इसके पीछे उद्देश्य यह रहता है कि दरिद्रा अलक्ष्मी अपनी पसंद की वस्तु द्वार पर ही पाकर संतुष्ट हो जाएं और अंदर प्रवेश ना करें। इस तरह मां भी प्रसन्न रहें और हम भी अमंगल से बचे रहें।


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