इस हाल में निकाले गए आतंकियों के बच्चे, कच्चा मांस खाकर रहे जिंदा
इराक के मोसुल में अलग-अलग जगहों पर मलबे में दबे दो बच्चों को बचाया गया है। इनके रोने की आवाज सुनकर रेस्क्यू टीम इनके पास पहुंची। सिक्युरिटी फोर्सेज इन्हें आतंकियों के बच्चे बता रही हैं और उनका कहना है कि ये कच्चा मांस खाकर जिंदा थे। बता दें, मोसुल को आईएस आतंकियों से आजाद कराने के बाद तलाशी अभियान चल रहा है, जिसे हफ्ते भर पहले ही रोका गया था।
सिक्युरिटी फोर्सेज ने बताया कि रोने और चीखने की आवाज सुनकर वो इनके पास पहुंचे।
- फोर्सेज का दावा है कि ये आईएस आतंकियों के बच्चे हैं, जो मूल तौर पर रूस से हैं।
- ये बच्चे काफी समय से भूखे थे। इनमें से एक बच्चा जिंदा रहने के लिए कच्चा मांस खा रहा था।
- बचाई गई बच्ची अमीना का कहना है कि ‘उसके माता-पिता सुसाइड बम ब्लास्ट में मारे गए थे।’
- बातचीत से यह बच्ची रूस की लग रही है। दोनों को ही पुनर्वास केंद्र में रखा गया है।
- इस जगह पर सात दिन पहले यह मानकर बचाव अभियान बंद कर दिया गया था कि मलबे में कोई भी जिंदा नहीं बचा होगा।


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