ऋषि ने किया तब्बू की बहन पर ट्वीट, बोले- इसलिए नहीं हो पाई सक्सेसफुल
45 साल की हो चुकीं तब्बू अब भी बॉलीवुड में एक्टिव हैं, लेकिन उनकी बड़ी बहन फराह नाज 12 साल से फिल्मों से दूर हैं। 6 फिल्मों में उनके को-स्टार रहे ऋषि कपूर ने सोमवार को फराह के फोटो के साथ एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 32 साल पहले की थी शुरुआत...
हैदराबाद में जन्मीं फराह (48) ने यश चोपड़ा की ‘फासले’ (1985) से करियर शुरू किया। 2005 में वे आखिरी बार अजय देवगन स्टारर ‘शिखर’ में नजर आईं। फराह ने पहली शादी विंदू दारा सिंह और दूसरी शादी सुमीत सहगल से की।
ऋषि से ट्विटर यूजर्स ने पूछा- फराह ने क्या अनप्रोफेशनल काम किया?
ट्विटर पर किसी महिला को बिना फोकस वाला बताना सही नहीं है। उम्मीद है कि आप भविष्य में किसी महिला के बारे में ऐसा कहने से बचेंगे।
ऋषि के लिए लिखा- शराब पीकर ट्वीट ना करें। फराह को अनप्रोफेशनल बताने से आप कल गलत कारणों से खबरों में आ जाएंगे।
अापने कहा कि अगर वे प्रोफेशनल होतीं... तो आप उनकी तारीफ कर रहे हैं या उनकी बुराई कर रहे हैं?
ऋषि से कहा कि ये बताएं कि फराह का बर्ताव अनप्रोफेशनल था या फिल्मों को लेकर उनकी च्वाइस ठीक नहीं थी। हो सकता है कि उनका वक्त खराब हो।
आखिरी बार फराह हलचल जैसी फिल्मों में नजर आई थीं। क्या अनप्रोफेशनल काम कर दिया उन्होंने?
6 फिल्मों में साथ किया काम
ऋषि कपूर और फराह नाज ने 6 फिल्मों में काम किया है। पहली बार इन्हें नसीब अपना-अपना (1986) में देखा गया। इसके बाद नकाब (1989), हमारा खानदान (1988), घर-घर की कहानी (1988), इज्जत की रोटी (1993), धरतीपुत्र (1993) जैसी फिल्मों के लिए दोनों साथ आए।
शबाना आजमी की रिश्तेदार हैं फराह
रिश्ते में शबाना आजमी, फराह की मौसी लगती हैं। वहीं, तब्बू उनकी छोटी बहन हैं। फराह के घर का माहौल पढ़ाई-लिखाई वाला रहा है। उनकी मां स्कूल टीचर थीं, जबकि दादा प्रोफेसर और दादी लेक्चरर थीं। फराह का फिल्मों में आने का कोई इरादा ही नहीं था।
सबसे पहला ऑफर देव आनंद ने दिया था
- फराह अपनी मौसी शबाना आजमी से मिलने मुंबई आती रहती थीं। एक बार देव आनंद ने फराह को देखा और उन्हें सीधे हीरोइन का रोल ऑफर कर दिया। उस वक्त फराह की मां नहीं मानीं। फराह हैदराबाद लौट गईं।
- जब 1985 में यश चोपड़ा अपनी फिल्म 'फासले' के लिए नई हीरोइन की तलाश में थे तो उन्होंने देव साहब से कुछ नाम पूछे। एक बार फिर फराह का नाम सामने आया। देव साहब की तरह यश जी को भी फराह की मां ने ना कह दिया। फिर शबाना ने फराह की मां को मनाया और वे राजी हो गईं।
- ‘फासले’ के वक्त फराह की उम्र महज 17 साल थी। इसमें सुनील दत्त और रेखा भी थे। 'फासले' फ्लॉप रही लेकिन फराह के लिए लकी साबित हुई। इस मूवी के बाद उन्हें कई ऑफर मिलने शुरू हो गए। इस बात से उनकी मां भी बहुत खुश थीं। सभी मुंबई में ही आकर बस गए।
हर साल फिल्मों में हुआ इजाफा
- फराह के लिए 80 का दशक लकी साबित हुआ। हर साल उन्हें मिलने वाली फिल्मों में इजाफा होता चला गया।
- इस दौरान उन्होंने 'मरते दम तक' (1987), 'हमारा खानदान' (1987), 'वो फिर आएगी' (1988), 'घर-घर की कहानी' (1988), 'रखवाला' (1989), 'नकाब' (1989) जैसी चर्चित फिल्में कीं।
- 2000 के बाद उन्हें ज्यादा फिल्में नहीं मिलीं। हालांकि, 2004 में उन्होंने 'हलचल' से वापसी की और 2005 में आखिरी बार 'शिखर' में काम किया। 12 साल से वे फिल्मों से दूर हैं।
- फराह ने अपने करियर के दौरान छोटे पर्दे पर हिमेश रेशमिया द्वारा प्रोड्यूस किए गए 'अंदाज', 'अमर प्रेम', 'अहा' सीरियल में भी काम किया।
विंदू दारा सिंह से की थी शादी
फराह ने दारा सिंह के बेटे विंदू दारा सिंह से 1996 में शादी कर ली। दोनों की मुलाकात एक फिल्म के सेट पर हुई थी। 1997 में फराह ने बेटे फतेह रंधावा को जन्म दिया। दोनों की शादी कुछ ही साल टिक पाई और 2003 में तलाक हो गया।
2003 में फराह ने की दूसरी शादी
विंदू से तलाक के बाद फराह ने 2003 में सुमीत सहगल से दूसरी शादी की थी। पेशे से एक्टर सुमीत ने 1987 में फिल्म 'इंसानियत के दुश्मन' से डेब्यू किया था। 1987 से 1995 के बीच उन्होंने 30 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। बता दें, यह सुमीत और फराह दोनों की दूसरी शादी थी। सुमीत की पहली शादी सायरा बानो की भतीजी शाहीन बानो से हुई 1997 में हुई थी। 2000 में इनका तलाक हुआ। शाहीन और सुमीत की बेटी का नाम सायशा सहगल है, जिन्होंने अजय देवगन स्टारर 'शिवाय' से डेब्यू किया था।
हैदराबाद में जन्मीं फराह (48) ने यश चोपड़ा की ‘फासले’ (1985) से करियर शुरू किया। 2005 में वे आखिरी बार अजय देवगन स्टारर ‘शिखर’ में नजर आईं। फराह ने पहली शादी विंदू दारा सिंह और दूसरी शादी सुमीत सहगल से की।
ऋषि से ट्विटर यूजर्स ने पूछा- फराह ने क्या अनप्रोफेशनल काम किया?
ट्विटर पर किसी महिला को बिना फोकस वाला बताना सही नहीं है। उम्मीद है कि आप भविष्य में किसी महिला के बारे में ऐसा कहने से बचेंगे।
ऋषि के लिए लिखा- शराब पीकर ट्वीट ना करें। फराह को अनप्रोफेशनल बताने से आप कल गलत कारणों से खबरों में आ जाएंगे।
अापने कहा कि अगर वे प्रोफेशनल होतीं... तो आप उनकी तारीफ कर रहे हैं या उनकी बुराई कर रहे हैं?
ऋषि से कहा कि ये बताएं कि फराह का बर्ताव अनप्रोफेशनल था या फिल्मों को लेकर उनकी च्वाइस ठीक नहीं थी। हो सकता है कि उनका वक्त खराब हो।
आखिरी बार फराह हलचल जैसी फिल्मों में नजर आई थीं। क्या अनप्रोफेशनल काम कर दिया उन्होंने?
6 फिल्मों में साथ किया काम
ऋषि कपूर और फराह नाज ने 6 फिल्मों में काम किया है। पहली बार इन्हें नसीब अपना-अपना (1986) में देखा गया। इसके बाद नकाब (1989), हमारा खानदान (1988), घर-घर की कहानी (1988), इज्जत की रोटी (1993), धरतीपुत्र (1993) जैसी फिल्मों के लिए दोनों साथ आए।
शबाना आजमी की रिश्तेदार हैं फराह
रिश्ते में शबाना आजमी, फराह की मौसी लगती हैं। वहीं, तब्बू उनकी छोटी बहन हैं। फराह के घर का माहौल पढ़ाई-लिखाई वाला रहा है। उनकी मां स्कूल टीचर थीं, जबकि दादा प्रोफेसर और दादी लेक्चरर थीं। फराह का फिल्मों में आने का कोई इरादा ही नहीं था।
सबसे पहला ऑफर देव आनंद ने दिया था
- फराह अपनी मौसी शबाना आजमी से मिलने मुंबई आती रहती थीं। एक बार देव आनंद ने फराह को देखा और उन्हें सीधे हीरोइन का रोल ऑफर कर दिया। उस वक्त फराह की मां नहीं मानीं। फराह हैदराबाद लौट गईं।
- जब 1985 में यश चोपड़ा अपनी फिल्म 'फासले' के लिए नई हीरोइन की तलाश में थे तो उन्होंने देव साहब से कुछ नाम पूछे। एक बार फिर फराह का नाम सामने आया। देव साहब की तरह यश जी को भी फराह की मां ने ना कह दिया। फिर शबाना ने फराह की मां को मनाया और वे राजी हो गईं।
- ‘फासले’ के वक्त फराह की उम्र महज 17 साल थी। इसमें सुनील दत्त और रेखा भी थे। 'फासले' फ्लॉप रही लेकिन फराह के लिए लकी साबित हुई। इस मूवी के बाद उन्हें कई ऑफर मिलने शुरू हो गए। इस बात से उनकी मां भी बहुत खुश थीं। सभी मुंबई में ही आकर बस गए।
हर साल फिल्मों में हुआ इजाफा
- फराह के लिए 80 का दशक लकी साबित हुआ। हर साल उन्हें मिलने वाली फिल्मों में इजाफा होता चला गया।
- इस दौरान उन्होंने 'मरते दम तक' (1987), 'हमारा खानदान' (1987), 'वो फिर आएगी' (1988), 'घर-घर की कहानी' (1988), 'रखवाला' (1989), 'नकाब' (1989) जैसी चर्चित फिल्में कीं।
- 2000 के बाद उन्हें ज्यादा फिल्में नहीं मिलीं। हालांकि, 2004 में उन्होंने 'हलचल' से वापसी की और 2005 में आखिरी बार 'शिखर' में काम किया। 12 साल से वे फिल्मों से दूर हैं।
- फराह ने अपने करियर के दौरान छोटे पर्दे पर हिमेश रेशमिया द्वारा प्रोड्यूस किए गए 'अंदाज', 'अमर प्रेम', 'अहा' सीरियल में भी काम किया।
विंदू दारा सिंह से की थी शादी
फराह ने दारा सिंह के बेटे विंदू दारा सिंह से 1996 में शादी कर ली। दोनों की मुलाकात एक फिल्म के सेट पर हुई थी। 1997 में फराह ने बेटे फतेह रंधावा को जन्म दिया। दोनों की शादी कुछ ही साल टिक पाई और 2003 में तलाक हो गया।
2003 में फराह ने की दूसरी शादी
विंदू से तलाक के बाद फराह ने 2003 में सुमीत सहगल से दूसरी शादी की थी। पेशे से एक्टर सुमीत ने 1987 में फिल्म 'इंसानियत के दुश्मन' से डेब्यू किया था। 1987 से 1995 के बीच उन्होंने 30 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। बता दें, यह सुमीत और फराह दोनों की दूसरी शादी थी। सुमीत की पहली शादी सायरा बानो की भतीजी शाहीन बानो से हुई 1997 में हुई थी। 2000 में इनका तलाक हुआ। शाहीन और सुमीत की बेटी का नाम सायशा सहगल है, जिन्होंने अजय देवगन स्टारर 'शिवाय' से डेब्यू किया था।







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