शेखों के शहर दुबई का दूसरा चेहरा, क्या देखा हैं आपने
ऊंची इमारतों और मैनमेड आइलैंड वाले हाईटेक शहर से अलग दुबई का एक चेहरा और भी है। दुनिया के बाकी पुराने और पारंपरिक शहरों की तरह दुबई भी दो हिस्सों में बंटा है। एक हिस्सा बुर्ज खलीफा जैसी ऊंची इमारतों वाला है, जिसे न्यू दुबई के नाम से जाना जाता है। ये टूरिस्ट्स का सबसे बड़ा अट्रैक्शन है। वहीं, दुबई क्रीक ओल्ड सिटी है, जो कभी असल में दुबई शहर हुआ करता था।
1883 में खाड़ी के किनारे ये शहर बानी यास ट्राइब्स ने बसाया था। उस वक्त यहां की मुख्य इंडस्ट्री फिशिंग और पर्ल के कारोबार से जुड़ी थी।
- धीरे-धीरे ये फिशिंग विलेज फैलता चला गया और 20वीं सदी की शुरुआत में क्रीक व्यापार के लिए सबसे व्यस्त बंदरगाहों का ठिकाना बन गया।
- यहां व्यापार के लिए अफ्रीका और भारत से शिप आने लगे। इसके साथ ही दूसरे देशों के साथ यहां संस्कृति और परंपरा साझा होने लगीं।
- ऑयल की खोज के बाद जैसे ही अमीरात अमीर हुआ। वैसे ही यहां डेवलपमेंट का दौर शुरू हुआ और नया दुबई बसने की शुरुआत हुई।
- नए डेवलपमेंट शेख जाएद रोड के आस-पास शुरू हुए। यहां बड़ी संख्या में नए बार, रेस्टोरेंट और गैलरीज खुलने लगीं। यहां ऊंची-ऊंची इमारतों ने जगह ले ली।
- देखते ही देखते दुबई दुनिया में बड़ा टूरिस्ट हब भी बन गया। बीते साल दुबई आने वाले इंटरनेशनल टूरिस्ट की संख्या करीब 1 करोड़ 28 लाख थी।
- पर इस बात का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है कि दुबई में रहने वाले और यहां आने वाले बहुत से लोगों ने पुराने शहर का रंगीन चेहरा देखा भी नहीं है।
- यहां कपड़ों से लेकर सोने चांदी और खाने-पीने के सामान के पुराने किस्म के पारंपरिक बाजार हैं, जो किसी पुराने शहर का अहसास कराएंगे।

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