7 साल से मौत का वेट कर रहा ये कपल, सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं 4 बेटे
यूपी के वाराणसी में एक ऐसा केसा सामने आया है, यहां आंध्र प्रदेश के बुजुर्ग दंपत्ती 7 सालों से मौत का इंतजार कर रहे हैं। शर्मनाक बात ये है कि उनके चार बेटे सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वो वाराणसी के मुमुक्ष भवन की छोटी-सी कोठरी में दिन भर भगवान शिव की अराधना कर रहे हैं।
- आंध्र प्रदेश में वेल्लूर कॉलेज से संस्कृत के डीन पद से रिटायर आचार्य डॉ. अवतार शर्मा ने बताया, ''4 साल से काशी में किराए पर हम दोनों पति-पत्नी रह रहे हैं। 3 साल पहले मुमुक्ष भवन में मोक्ष प्राप्ति और काशी लाभ को आए। पत्नी वैंकटरमन अम्मा तेलगु लिट्रेचर की टीचर इंटर कॉलेज में थी।''
- ''बेटे तीन-तीन महीने पर हमसे मिलने आते हैं। हम दोनों ने जीवन का उद्देश्य बच्चों की अच्छी परवरिश करके पैरों पर खड़ा करना बनाया था। हमने बचपन से ही सुना था, यहां मौत मिलने से मोक्ष मिल जाता है। इसलिए काशी चले आए। बच्चों ने साथ नहीं छोड़ा, बल्कि हम अपनी मर्जी से यहां रहने आए हैं।''
- यहां 11 फीट का पंचमुखी शिवलिंग है। इसकी एक परिक्रमा से 3 करोड़ 25 लाख पंचअक्षरीय मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' और 12 द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का फल प्राप्त होता है। अवतार शर्मा ने इसको बनवाया है।
- इस शिवलिंग की स्थापना 16 मार्च 2016 को हुई थी। डॉ शर्मा ने बताया, ''मेरा संकल्प 7 करोड़ पंच अक्षरीय मंत्रों का है, जिसे भक्तों से लिखवा रहे हैं।''
- ''ये मंत्र भारत समेत विदेशों में रहने वाले भक्त इनके द्वारा दी जानें वाली कॉपी में लिखते हैं, फिर बाई पोस्ट या काशी आकर जमा करते हैं। इस मंदिर को बनाने में कुल 28 दिन लगे थे। वेल्लूर से 12 कारीगरों को बुलाया गया था। इसको बनाने में कुल साढ़े 8 लाख रुपए खर्च हुए थे।''

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