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गर्दन दबोच महिला को पहाड़ी पर ले गया पैंथर,



यहां पैंथर के हमले में 45 साल की एक महिला की मौत हो गई। वह जंगल के रास्ते मंगलवार शाम को अपने मायके जा रही थी। रास्ते में घात लगाए बैठे पैंथर ने उस पर हमला कर दिया। गर्दन दबोचकर पैंथर महिला को करीब 300 फीट तक घसीटते हुए पहाड़ी पर ले गया। गर्दन में पैंथर के दांत गड़ने से महिला की मौत हो गई। हमले में उसका एक हाथ कटकर अलग हो गया। परिवार वालों को उसका शव करीब 17 घंटे बाद बुधवार दोपहर को पहाड़ी पर थुहर के पास झाड़ी में पड़ा मिला।

- दरअसल, भैंसाकमेड़ के भील बस्ती निवासी डायली गमेती मंगलवार सुबह घर से बड़ा भाणुजा में पीहर जाने के लिए पैदल निकली थी। शाम होते-होते वह जंगल को पार नहीं कर पाई और अंधेरा हो गया। रास्ते में कुछ देर आराम करने के लिए वह बैठी तो पैंथर ने हमला कर दिया। गले में दांत गड़ने से महिला की मौत हो गई।

- बुधवार दोपहर को बकरियां चराने जाती महिलाओं ने रास्ते में खून के निशान और साड़ी पड़ी देखी तो घसीटते के निशान को देखते हुए महिला के शव के तक पहुंचे।

- इसके बाद महिला के परिजन, पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद शव को पहाड़ी से खमनोर सीएचसी लाया गया। पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।

- खमनोर क्षेत्र में इंसान पर पैंथर के हमले की यह छठी और कुंभलगढ़ क्षेत्र के मामलों को मिलाकर यह दसवीं घटना है।

- वन विभाग का कहना है कि महिला के परिवार को मुआवजा दिलवाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।


 जिले की डोडावली पंचायत के पीपलिया गांव में बुधवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय पलाकाड़ के पास सुबह 11 बजे एक पैंथर ने गाय और बकरी पर हमला कर दिया। पैंथर के शिकार से क्षेत्रवासियों में दहशत फैल गई है।

- ग्रामीणों ने बताया कि दिन में खेतों में गाय-बकरियां चरने के लिए छोड़ दी जाती हैं। अचानक गाय और बकरियां इधर-उधर भागने लगीं। देखते ही देखते पैंथर ने नारायण गमेती की गाय और उदा गमेती की बकरी पर हमला कर मार डाला।

- गांव वाले इकट्ठे हुए तब तक पैंथर गाय और बकरी को घसीटते हुए जंगल की तरफ ले जा चुका था। शोर करने पर पैंथर गाय के शव को पहाड़ी के पास छोड़ भाग गया।

- पीपलिया के शारीरिक शिक्षक किशन सोनी ने बताया कि गांव में पैंथर ने पहले भी कई मवेशियों को मारा है। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा स्कूल में बच्चे भी सहमे रहते हैं।