सूई से किचन में डेडबॉडी की कर दी सिलाई, पोस्टमॉर्टम के बाद ऐसे दी लाश
10 साल में प्रदेश सरकार ने हेल्थ सर्विस पर करोड़ों खर्च किए। लेकिन गांव हो या शहर, सभी जगह गवर्नमेंट हॉस्पिटल बदहाल हैं। ताजा मामला प्रदेश के विदिशा जिले के एक गांव का है। यहां एक महिला की करंट लगने से मौत हो गई थी। उसकी डेडबॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया था, जिसे पोस्टमॉर्टम के बाद बिना टांके लगाए परिवार को सौंप दिया गया।
- दरअसल, यह मामला विदिशा जिले के सिंरोज से 15 किमी दूर पगरानी गांव का है।
- यहां शिवशंकर शर्मा की पत्नी नीता की मौत करंट लगने से हो गई थी।
- गवर्नमेंट हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम के बाद डेडबॉडी को बिना टांके लगाए ही परिवार को लोगों को सौंप दिया गया।
अंतिम संस्कार के समय उन्हें इसका पता चला। नाराज परिवार वालों ने हॉस्पिटल में हंगामा किया।
- हॉस्पिटल से गांव में एक स्वीपर घर पहुंचा। उसने घर के किचन में बैठकर डेडबॉडी में टांके लगाए। इसके बाद अंतिम संस्कार हुआ।
- परिजनों के मुताबिक बुजुर्ग स्वीपर कल्लू गांव पहुंचा था। उसकी नजर इतनी कमजोर थी कि वह सुई में धागा भी नहीं डाल पाया। तब गांव के युवक ने धागा डाला और इसके बाद घर में रखे डेडबॉडी में टांके लगाए।
- इस मामले बीएमओ का कहना है कि डेडबॉडी सिलकर दिया गया। हो सकता है कि टांके खुल गए हो, क्योंकि डेडबॉडी हिलता-डुलती है। जानकारी होने पर डेडबॉडी में टांके लगाने के लिए स्वीपर को गांव भेज दिया।


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