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नर्क से भी बदतर जिंदगी, कब्रिस्तान में छिपकर जीने पर मजबूर हैं यहां के लोग



 ये शॉकिंग फोटो ईरान की कैपिटल सिटी तेहरान से मात्र 50 किलोमीटर दूर की है। यहां कुछ लोग ऐसे हैं, जो कब्रिस्तान में रहने पर मजबूर हैं और वह भी लोगों की नजरों से छिपकर। क्योंकि, इन्हें देखते ही लोग इन पर पत्थर बरसाने लगते हैं। ऑस्कर विनिंग डायरेक्टर असगर फरहादी ने ईरान के प्रेसिडेंट को लेटर लिखकर इनके पुनर्वास का आवेदन भी किया था, लेकिन सरकार इनकी तरफ कभी ध्यान नहीं दिया।

दरअसल, इनमें से कई लोग ड्रग एडिक्ट हैं। इसकी सजा इनके पूरे परिवार को मिल रही है।


- पड़ोसियों व समुदाय के लोगों ने मारपीट कर इन्हें परिवार समेत घर से बेदखल कर दिया है।

- अब इन लोगों ने कब्रिस्तान को अपना घर बना लिया है, जहां ये छिपकर कब्रों में रहने पर मजबूर हैं


- अब इनकी हालत इतनी बुरी हो चुकी है कि लोग कचरे से खाने-पीने की चीजें ढूंढ़कर अपना पेट भरते हैं।


- कड़ाके की सर्दी के बीच इनके पास गर्म कपड़े तक नहीं है। ऐसे में ये आग जलाकर ठंड से बचाव करते हैं।


- असगर फरहादी के मुताबिक, इनकी संख्या करीब 50 है और ये यहां पिछले 10 सालों से इसी तरह रह रहे हैं।


- पुरुषों के साथ महिलाएं भी हैं। इनमें से कईयों के बच्चों को उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है।

असगर फरहादी बताते हैं कि इनमें से कई ड्रग के लती नहीं हैं।


- कई ऐसे भी हैं, जिन्हें पहली बार ड्रग लेते हुए देख लेते हुए पकड़ लिया गया था।


- इसमें भी चौंकाने वाली बात तो ये है कि पुरुषों के साथ उनकी पत्नियों को भी सजा भुगतनी पड़ी।

- नाम न बताने की शर्त पर एक महिला ने बताया कि एक बार उसने घर लौटने की कोशिश की थी।

- लेकिन, उसे देखते ही लोगों ने उस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पुलिस ने भी उसकी मदद नहीं की।


- पुलिस भी इन्हें आरोपी मानती है और इनके साथ बुरा बर्ताव करती है।