रोहिंग्या मुस्लिमों के कैम्प का हाल, ११,12 साल तक की लड़कियों की हो रही शादी
बांग्लादेश के रोहिंग्या रिफ्यूजी कैम्प में शरणार्थी अपनी ११,12 साल की बेटियों की भी शादियां कराने को मजबूर हैं। ऐसे इसलिए ताकि वो अपनी जिम्मेदारियों से बच सकें और परिवार को भरपेट खाना खिला सकें। फोटोग्राफर एलिसन जॉयस ने यहां के कई रिफ्यूजी कैम्प्स में लंबा वक्त बिताया और इन शादियों को अपने कैमरे में कैद किया है। बता दें, म्यांमार से भागकर आने वाले करीब छह लाख 20 हजार रोहिंग्या शरणार्थी यहां के रिफ्यूजी कैम्प्स में रह रहे हैं।
शादी करने को इसलिए हुए मजबूर...
- फोटोग्राफर जॉयस ने बताया कि म्यांमार में भी रोहिंग्या मुस्लिम कम्युनिटी में टीनेज मैरिज सामान्य कल्चर का हिस्सा है।
- फोटोग्राफर के मुताबिक, इस शादी के पीछे एक बहुत बड़ी वजह गरीबी में गुजर-बसर कर रहे परिवार भी हैं, जो पूरे परिवार को खाना मिल सके, इसलिए शादी के फैसले कर रहे हैं।
- यूएन ऑफिशियल्स ने पहले ही वॉर्निंग दी थी कि रोहिंग्या बच्चे जो खासकर अकेले हैं, उन पर ट्रैफिंकिंग और फोर्स्ड मैरिज का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
- इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ माइग्रेशन ने अपनी इन्वेस्टिगेशन में बताया कि यहां 11 साल की उम्र तक की रोहिंग्या लड़कियों की शादी हो रही है।
- ऑर्गेनाइजेशन ने बताया कि कॉक्स बाजार रिफ्यूजी कैम्प में रह रही फैमिलीज लड़कियों को फोर्स मैरिज में ढकेल रही हैं, ताकि फैमिली में एक खाने वाले की संख्या कम हो और खाना बच सके।

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