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यहाँ रात होते ही लड़कियां अपने घरो से निकलती है कपड़े उतार कर, वजह ऐसी की हैरान हो जाएंगे





हमारे देस में अक्सर सोशल मिडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर लड़कियों के कपड़े पहनने को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा भी होती रहती है। और कुछ महान पड़ितों का तो यह भी कहना है की लड़कियों के साथ बढ़ते हुए रेप और अपराध का कारण भी लड़कियों के पहनाबा को ही दोसी माना जाता है। हमेसा लड़कियों के साथ कोई भी घटना होने के बाद लड़कियों के कपड़ो को लेकर सोशल मिडिया और टेलीविजन पर कॉन्ट्रवर्सी होता रहता है।



लेकिन ठीक इन सब के बिपरीत हमारे देस में एक ऐसा भी गांव है जहां लड़की के ही परिवार वाले खुद अपनी अविबाहित लड़कियों को कपड़े उतारने पे मजबूर करते है। आप को यह सुनकर ताजुब तो जरूर हो रहा होगा। लेकिन यह बात बिलकुल ही सही है की आज 21 वी सदी में भी लोग ऐसी परंपरा और धरना का शिकार है जिसके चलते ऐसा करते है।


बिहार राज्य में एक ऐसी जगह है जहां पर अविबाहित लड़कियों को कपड़े उतारकर घर से बाहर निकलना पड़ता है। इस जगह पर हर घर से अविबाहित लड़कियाँ रोज सूरज डूबने के बाद अपने अपने घरों से कपड़े उत्तारकार अपने अपने खेत की और निकलती है। और घर के बाहर खेतो में बिना कपड़ो के रहती है। और अपने – अपने खेतों में घूमती है।


जहां घर के परिवार की यह जिम्मेदारी होती है की अपने घरो के सदस्यों अपनी बहन बेटियों की इज्जत आबरू का रखवाला होता है और उनके हितों की रच्छा करना घर के सदस्यों की जिम्मेदारी होती है। वही ये बात आपको हैरान कर देगी की लड़कियों को खुद उनके ही घर वाले ऐसा करने को मजबूर करते है। पूरबी भारत में कई ऐसे छेत्र है जहां बहुत कम बारिस होती है। जिसके चलते फसलो खराब हो जाती है।


वही यहाँ के लोगो में ऐसी धरना और परंपरा सी बनी हुई है। जिस बजह से यहाँ के लोग अपनी अविबाहित लड़कियों साथ ऐसा करने को कहते है। वहां के लोगो में ऐसी मान्यता बनी हुई है की लड़कियों को बिना कपड़ो अपने खेतो में भेजने से बारिश के देबता इंद्र को शर्मिंदा किया जाता है। ताकि मानसून में बारिस के लिए देबता बजबूर हो सके।