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मिस्र के गीजा पिरामिड में मिला 100 फीट का तहखाना, वैज्ञानिक लगा रहे कयास



दुनिया के सात अजूबों में शुमार गीजा के कुफु पिरामिड में एक हवाई जहाज के बराबर की खाली जगह बरामद हुई है। गीजा के कुफु पिरामिड में मिली इतनी ज्यादा है जगह इस ओर इशारा करती है कि यहां एक छिपा हुआ चैंबल यानी तहखाना हो सकता है।


कहा जा रहा है कि यहां कुछ कमरे हैं जिनकी छानबीन से पुरातत्व विशेषज्ञ नई जानकारियां हासिल कर सकते हैं लेकिन यहां खोजबीन और अन्य एक्सपेरिमेंट नहीं करने दिए जा सकते क्योंकि इससे पिरामिड को नुकसान होने का खतरा पैदा हो सकता है।


साइंटिस्ट का कहना है कि खोज में जिस खाली जगह का पता चला है वो पिछले 4, 500 सालों से किसी के संपर्क में नहीं थी और अनटच्ड थी। यानी पिछले साढ़े चार हजार साल से ये जगह ज्यों की त्यों है।


स्केनपिरामिड प्रोजेक्ट में सहयोगी खोजकर्ता मेहदी तैयूबी ने कहा कि यह जगह करीब 100 चौड़ी है और पिरामिड के बीचों बीच बने ग्रांड गैलरी (155) के बिलकुल ऊपर स्थित है। एक संभावित तौर पर राजा और रानी का चैंबर है, दूसरी खाली जगह ग्रांड गैलरी होगी। यहां से बाहर आने का रास्ता नहीं पता चला है। यह जगह इतनी बड़ी है कि 200 सीटर एक प्लेन यहां पर सैट हो जाए।



वैज्ञानिक इस पिरामिड के अंदर के रहस्य जानने के लिए कॉस्मि रेज का प्रयोग कर रहे हैं जो इमेजिंग मैथड पर काम करती हैं। इस तकनीक MUON MOMOGRAPHY कहा जाता है। यानी बिना खुदाई या उपकरणों के वैज्ञानिक अंदर छिपी जगहों की जानकारी ले रहे हैं। इससे पुरामिड को नुकसान भी नहीं पहुंचेगा और दुनिया के इस आश्चर्य से भी परदा उठ पाएगा कि गीजा के पिरामिड के भीतर क्या है।




मालूम हो गीजा का पिरामिड 2560 ईसा पूर्व के करीब बनवाया गया था। दुनिया के सात अजूबों में शामिल यह पिरामिड 3, 800 सालों से दुनिया के सबसे ऊंचे ढांचे का तमगा हासिल कर चुका है। कहा जाता है कि इस पिरामिड के भीतर मिस्र के राजा की ममी सुरक्षित हैं।


मिस्र के शासर फराओ कुफु द्वारा बनाए गए कुफु पिरामिड को चांद और इजरायल के पहाड़ों से भी साफ साफ देखा जा सकता है।