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सऊदी की गरीबी दिखाती PHOTOS, अमीर शेखों के देश में भी ऐसे जी रहे लोग



शाही शौक और खर्चों के लिए सऊदी किंग का रूस दौरा चर्चा में है। वहीं, इसके उलट देश में एक तबका ऐसा भी है, जो जबरदस्त गरीबी में जी रहा है। फ्रेंच फोटोग्राफर एरिक लफ्फार्ज ने यहां के दोनों तबके के लोगों की डेली लाइफ कैमरे में कैद की। उन्होंने यहां के शहरी और अमीरों के इलाकों से ज्यादा गांवों और गरीब तबकों वाले इलाकों का दौरा दिया। यहां एक तरफ अमीरी की चकाचौंध है तो दूसरी तरफ जबरदस्त गरीबी दिखती है। उन्होंने हर फोटो के पीछे की कहानी बयां की थी और अपने अनुभव शेयर किए।


 एरिक ने बताया कि यहां टूरिस्ट वीजा के लिए लोकल ट्रैवल एजेंसी या कंपनी से स्पॉन्सरशिप लेने की जरूरत होती है।


- मक्का में तीर्थयात्रियों की जबरदस्त भीड़ आने के चलते एजेंसी गैर मुस्लिमों की मदद में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं दिखाती हैं।


- लिहाजा, एरिक को भी वीजा के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा और 2012 में वो 15 दिन के टूर पर सऊदी पहुंचे।


- यहां के नियम-कायदे के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि 30 साल से कम उम्र की महिला यहां बिना हसबैंड या भाई के घर से बाहर नहीं निकल सकती है।


- इसके साथ ही एल्कोहल, पोर्नोग्राफी, गैम्बलिंग और पोर्क को लेकर यहां सख्त तौर पर मनाही है। महिलाओं के लिए अबाया पहनना कम्पलसरी है।


- एरिक ने बताया कि यहां हर जगह आपका वेलकम होगा, लेकिन आप हर जगह खुद को पुलिस एस्कॉर्ट से घिरा भी पाएंगे।



एरिक ने बताया कि इस देश में दाखिल होने के वक्त प्लेन में पहला अनुभव ही बहुत दिलचस्प रहा।
- लैंडिंग से पहले लुफ्थांसा एयरलाइन्स के मेरे प्लेन में एल्कोहल की सारी बोतलें एक बॉक्स में भर दी गई थीं।


- साथ ही, सभी पैसेंजर्स को हिदायत दी गई कि अगर किसी पास इजरायली करंसी हो तो उसे छिपाकर रखें।


- एरिक ने कहा, "देश के अंदर पहला अनुभव अच्छा नहीं रहा, क्योंकि इंडोनेशियन वर्कर के साथ लाइन में खड़े होकर यहां एंट्री करनी पड़ी।"


- एरिक का यहां घूमने के बाद पहला इम्प्रेशन यही था कि देश के कई इलाकों में अब भी काफी गरीबी है।


- उन्होंने कहा कि देश करीब से देखने के बाद उतना अमीर नहीं लगता है, जिसकी हम कल्पना करते हैं।


- एरिक ने कहा, ''मैं यहां के रिच और बिलेनियर्स के इलाकों से ज्यादा ऐसे पिछड़े इलाकों में गया जो गाजा जैसे दिखते हैं। मैंने कुछ रिमोट विलेज का भी दौरा किया।


- उनके मुताबिक, कल्चर के मामले में सऊदी के लोग बहुत अलग हैं। यहां ह्यूमन राइट्स और जस्टिस में बहुत बड़ा गैप है।


- गाइड ने उन्हें यहां रियाद का वो स्क्वेयर भी दिखाया, जहां पब्लिक के बीच में मर्डर के दोषियों का सिर कलम किया जाता है।


- एरिक ने जब गाइड को बताया कि उनके देश में इस तरह मौत देने पर 1881 में ही पाबंदी लग गई थी, तो उसे विश्वास नहीं हो रहा था।



 एरिक ने यहां की मेहमानवाजी की तारीफ की और कहा कि इस सफर में मैं सिर्फ पुरुषों से मिला। कभी महिलाओं से मुलाकात नहीं हुई।


- एरिक के मुताबिक, सऊदी में लोग काम नहीं करते। उनकी जिंदगी सरकार से मिली रकम पर चलती है। ऐसे वो खाली रहते हैं और हमेशा आपको गाइड करने और आपके खाने का इंतजाम करने के लिए तैयार रहते हैं।