भाईदूज पवित्र रिश्ता निभाने को सलाखों के पीछे भाई का तिलक
भाई दूज यानी यम द्वितीया। शनिवार को भाई दूज का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस बीच कहीं-कहीं भाइयों से स्नेह में बहनों की अश्रुधारा बह निकली। भाइयों से स्नेह उन्हें जेल की चौखट तक ले गया। किसी न किसी अपराध में जयपुर सेँट्रल जेल में बंद अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। दूसरी ओर भाई भी बहनों को जेल में देख आंसू छलक गए।
हिन्दू धर्म में भाई-बहन के स्नेह-प्रतीक के रूप में दो त्योहार मनाये जाते हैं। पहला रक्षाबंधन जो कि श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। और दूसरा है भाई दूज, जो कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीय यानी दिवाली से दो दिन बाद मनाया जाता है। भाई दूज का त्योहार भाई और बहन के प्यार को सुदृढ़ करने का त्यौहार है।

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