यहां जंजीरों से बांधकर रखते हैं ट्रेन को, रवाना होने के पहले खोलते हैं ताले
अब तक आप ने सोने चांदी के आभूषणों व कीमती सामग्री को लॉकर व साइकिल या बाइक को जंजीरों से बांधकर ताला लगाते हुए देखा होगा, लेकिन मध्यप्रदेश में सनावद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को जंजीर से लपेटकर ताल लगाकर रखा जाता है। यह प्रक्रिया रात में नहीं, बल्कि दिन में चार बार ट्रेन आने के दौरान की जाती है। यहां रोजाना यह प्रक्रिया रेलवे के कर्मचारी दोहराते हैं।
- स्टेशन पर ट्रेन आने के बाद इंजन का ब्रेक लगाकर गेट को ताला लगाया जाता है। इसके बाद इंजन के पास जंजीर लगाकर पटरी से बांधा जाता है। इसी प्रकार सबसे आखिरी डिब्बे के पहियों को लकड़ी के गुटकों से लाॅक कर जंजीर से लपेटकर ताला लगाया जाता है।
- ट्रेन रवाना होने के करीब 10 से 15 मिनट पहले एक कर्मचारी इस लॉक को खोलता है। वर्तमान में 6 डिब्बे की 4 ट्रेनें सनावद से चलती हैं। इसमें से सनावद से जाने के लिए सुबह 6, 9, दोपहर 2 और शाम 7.30 बजे ट्रेन है। महू से आने के लिए सुबह 8.30, 11.30, 4.30 व रात 10 बजे ट्रेन है। जिसे स्टेशन आने के बाद जंजीर से बांध दिया जाता है।
- रेलवे के स्टेशन मास्टर राधेश्याम सिंह से पूछा तो उन्होंने बताया सुरक्षा को देखते हुए यह सामान्य प्रक्रिया है। विभाग के नियमानुसार यह प्रक्रिया हर स्टेशन पर होती है। ट्रेन में हलचल या प्राकृतिक आपदा आने पर वजन के कारण ट्रेन लॉक नहीं होने से उतार में लुड़कने का डर बना रहता है। जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है। विभाग ने निर्देश पर ट्रेन को लॉक किया जाता है।

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