लकवे के बाद ऐसी दिखने लगी थी देव आनंद की ये हीरोइन
शम्मी कपूर और देव आनंद जैसे सुपरस्टार के साथ काम कर कल्पना मोहन 60 के दशक में पॉपुलर हीरोइन बनकर उभरी थीं। कल्पना अब इन दुनिया में नहीं है। आखिरी के दिनों में उन्हें चेस्ट इन्फेक्शन और लकवा मार गया था। वो पांच साल तक अपनी इस बीमारी से जूझती रहीं। इसकी वजह से वो बेहद कमजोर हो गई थीं और 2012 में लंबी बीमारी के बाद हॉस्पिटल में उनकी डेथ हो गई थी।
- श्रीनगर में जन्मीं कल्पना मोहन के पिता अवनी मोहन एक फ्रीडम फाइटर थे।
- अवनी पंडित, एक्स प्राइम मिनिस्टर जवाहर लाल नेहरू के काफी करीब थे।
- जैसा कि कल्पना कथक डांसर थीं इसलिए जब भी राष्ट्रपति भवन में कोई बड़ा फंक्शन होता था तब नेहरूजी, कल्पना को डांस परफॉर्मेंस के लिए बुलाते थे।
- पहली बार जब बलराज साहनी ने कल्पना को देखा तो उन्हें फिल्मों में काम करने का मौका दिया था।
- बता दें, कल्पना का असली नाम अर्चना था लेकिन बाद में उन्होंने नाम बदल लिया था।
हीरोइन्स के लिए टफ कॉम्पटीशन रहीं कल्पना
- कल्पना अच्छी एक्ट्रेस के साथ एक ट्रेंड कथक डांसर भी थीं। कहा जाता है वो इंडस्ट्री में बड़ी-बड़ी हीरोइनों के लिए टफ कॉम्पटीशन बन गई थीं।
- कल्पना की पहली फिल्म 'प्रोफेसर' 1962 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में कल्पना ने शम्मी कपूर के साथ काम किया था।
- ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी। इसके गाने भी हिट थे।
- इस फिल्म के बाद हर जगह कल्पना चर्चा में आ गई थीं। तभी देव आनंद की भी नजर कल्पना पर पड़ी और फिल्म 'तीन देवियां' में उन्हें साइन कर लिया।
- उस समय की पॉपुलर एक्ट्रेस नंदा और सिमी ग्रेवाल के साथ कल्पना ने जोड़ी बनाई। इस फिल्म ने भी रिलीज होते ही रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
- कल्पना ने करीब 10 साल तक फिल्मों में काम किया। उनका करियर काफी छोटा रहा लेकिन जब तक वो फिल्मों में रहीं, दूसरी हीरोइनों के लिए खतरा बनी रहीं।

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