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इन 3 तरीकों से 2600 KM की दूरी तय कर अयोध्या में लौटे सकते थे श्रीराम




दिवाली के त्यौहार पर सभी लोग एक नई उर्जा के साथ साल भर के लिए चार्ज होते हैं। सभी लोग बहुत हर्षोल्लास के साथ पटाखों को जलाकर दिवाली सेलिब्रेट करते हैं। हम ये जानने की कोशिश करते हैं कि अयोध्या में सबसे पहली दिवाली कब और कैसे मनाई गई और उसके बारे में क्या मिथ हैं।


ये माना जाता है कि 7292 B.C. से अयोध्या में दिवाली सेलिब्रेट हो रही है। ये सेलिब्रेशन भगवान राम के लंका विजय के बाद अयोध्या में लौटने की वजह से शुरू हुआ था। अब कई हिस्टाेरियंस और माइथोलॉजिस्ट इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि 2618 किलोमीटर  की दूरी श्रीराम और उनके साथ के लोगों ने इतने कम समय में कैसे पूरी की होगी।

ये तो सभी जानते हैं कि त्रेतायुग में भगवान श्रीराम का जन्म हुआ। उनके छोटे भाई भरत को राजगद्दी देने के लिए श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास दिया गया। इस वनवास में उनकी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण भी साथ गए।


वनवास में श्रीराम की पत्नी को रावण हरण कर ले गया। उसके बाद श्रीराम और रावण में लंका में युद्ध हुआ। दशहरे के दिन रावण का वध हुआ और अगले दिन रावण के छोटे भाई विभीषण को लंका का राजा बनाकर श्रीराम और उनकी सेना वापस अयोध्या के लिए चल दी।