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श्मशान में गड्ढे से आ रही थीं आवाजें, पत्थर हटाया तो लोग रह गए हैरान


सोमवार को बच्चों के श्मशान घाट स्थित गड्‌ढे से रोने की आवाज आ रही थी। पत्थर हटाकर देखा तो 10 दिन का नवजात बच्चा मिला है। लोगों ने बच्चे को बाहर निकालकर डायल 100 और पुलिस को सूचना दी। नागलवाड़ी थाना पुलिस ने मौका मुआयना किया। स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के बाद नवजात को जिला महिला अस्पताल स्थित एसएनसीयू रैफर किया गया। फिलहाल बच्चे को तेज बुखार और सर्दी जुकाम है।

 जिले के घुसगांव के चिभानियापुरा मोहल्ला निवासी सोमला ने बताया, सुबह करीब 7 बजे वह खेत के पास शौच करने जा रहा था। इस दौरान बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उसने गांव के लोगों को सूचना दी।
- खोजबीन करने पर मोहन के खेत स्थित कुएं के पास झाड़ियों की आड़ में बच्चा दबा मिला। डायल 100 से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
- उसके चेहरे पर जीव जंतुओं के काटने के निशान हैं। सर्दी-खांसी होने से उसे ग्रामीण शेरू व आरक्षक विश्राम चौहान के साथ भेजा।
- वहीं, रहवासी शेरू ने बताया कि खेत के पास नाले से लगे श्मशान में नवजात मिला है। उसने बताया बकरी चराने गए बच्चों ने नवजात के रोने पर उन्होंने हमें सूचना दी। इसके बाद उसे लेकर जिला अस्पताल आए।
बच्चे को गोद लेने पहुंचे लोग
- गड्‌ढे में लड़का मिलने के बाद लाेगों ने उसे गोद लेने की इच्छा जताई है। शेरू पिता नुरू और उसकी पत्नी सुनीता की तीन बेटियां हैं।
- खेत के पास गड्‌ढे में नवजात मिलने पर वह उसे पालने की बात कह रहा है। जिला अस्पताल के एसएनसीयू तक दोनों पुलिस के साथ आए।
- वहीं, गांव के बदु पिता चमार झिंगला पूना ने बताया कि शेरू और उसकी पत्नी बच्चे की देखभाल कर रहे हैं। लोगों ने पुलिस से दंपति को बच्चा गोद देने के लिए अनुरोध किया।
बच्चे की स्थिति गंभीर
नवजात 10 दिन का है। रात में या फिर सुबह-सुबह उसे किसी ने गड्‌ढे में रखा होगा। सर्दी-जुकाम के साथ तेज बुखार है। अभी आब्जर्वेशन में रखा है। जरूरत पड़ने पर इंदौर रैफर करेंगे।
- डॉ. रूपसिंह भादले, शिशु रोग विशेषज्ञ एसएनसीयू जिला अस्पताल बड़वानी

परिजनों की तलाश जारी
गांव में नवजात मिला है। स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रैफर किया है। परिजनों का पता लगा रहे हैं।